Friday, October 11, 2019

लालसागर में ईरानी तेल टैंकर पर हमला, लगी आग

एक धमाके के बाद ईरान के एक तेल टैंकर में आग लग गई. ईरानी मीडिया का कहना है कि यह सऊदी अरब के समुद्र तट के पास हुआ है.

यह तेल जहाज़ ईरान की तेल कंपनी एनओआईसी का है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जब धमाका हुआ तो ईरानी जहाज़ सऊदी के तटीय शहर जेद्दाह से 97 किलोमीटर की दूरी पर था.

अलजज़ीरा के अनुसार तेल टैंकर को दो संदिग्ध रौकेट से निशाने पर लिया गया है. नेशनल ईरानी टैंकर कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि लगता है कि यह हमला मिसाइल से किया गया है.

इस शिप के दो स्टोरेज को नुक़सान पहुंचा है. नुक़सान के बाद लालसागर में तेल का रिसाव हो रहा है. हालांकि इसमें कोई ज़ख़्मी नहीं हुआ है. यह वाक़या तब सामने आया है जब सऊदी अरब और ईरान में भारी तनाव है.

पिछले महीने 18 ड्रोन और सात क्रूज़ मिसाइल से सऊदी के अहम तेल ठिकानों पर हमला हुआ था. इस हमले का आरोप ईरान पर लगा था.

जून और जुलाई महीने में भी दो तेल टैंकर पर हमले हुए थे, तब भी अमरीकी अधिकारियों ने इसके लिए ईरान को ही ज़िम्मेदार ठहराया था. इससे पहले मई महीने में चार तेल टैंकरों पर हमले हुए थे. हालांकि ईरान ने इन हमलों में शामिल होने से साफ़ इनकार किया था.

उनके दोस्तों ने बताया कि 2017 में वो यूरोप में एक कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने जा रहे थे. साथ ही वो जर्मन यूनिवर्सिटी के साथ एक सहयोगी कार्यक्रम भी लॉन्च करने की योजना बना रहे थे. लेकिन उन्हें बीजिंग एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया. उन्हें शिनजियांग की राजधानी उरुम्ची जाने के लिए कह दिया गया.

अमरीका में रहने वाली प्रोफ़ेसर तियिप के एक पूर्व सहयोगी ने बीबीसी से कहा कि जब प्रोफ़ेसर तियिप को बीजिंग एयरपोर्ट में रोका गया तो वहीं पर उनका ट्रायल ख़त्म हो गया था.

इसके बाद प्रोफ़ेसर तियिप घर लौटकर नहीं आए. उनके दोस्तों और रिश्तेदारों से पूछताछ होने लगी, प्रोफ़ेसर तियिप पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने लगे.

उनकी पूर्व सहयोगी ने बताया, ''एक दिन प्रोफ़ेसर तियिप के परिवार को ख़बर मिली कि उन्हें अलगाववाद के मामले में गिरफ़्तार किया गया है और उन्हें मौत की सज़ा सुना दी गई है. चीन ने इस मामले पर अभी तक कोई जानकारी नहीं दी है.''

अमरीका में शोधार्थी के तौर पर काम करने वाली प्रोफ़ेसर तियिप की यह सहयोगी भी वीगर मुसलमान हैं और शिनजियान प्रांत से ताल्लुक रखती हैं. उन्होंने सुरक्षा कारणों की वजह से अपनी पहचान ज़ाहिर नहीं की.

उनका कहना है कि चीन की सरकार वीगर मुसलमानों पर जिस तरह के क़दम उठा रही है उससे पूरे इलाक़े का माहौल खौफ़नाक हो चुका है.

''लोग डरे हुए हैं. लोगों ने मुझे बताया है कि वो अपने पूरे कपड़े पहनकर ही सोते हैं क्योंकि उन्हें नहीं पता कब कोई रात में उन्हें पकड़कर ले जाए. मेरे एक दोस्त ने मुझे बताया था कि चीन युद्ध की आशंका बता रहा है. और मेरा वह दोस्त भी ग़ायब हो चुका है.''

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