महिलाओं के लिए भविष्य कैसा होने वाला है या वो भविष्य कैसा होना चाहिए. इसी पर चर्चा हो रही है मंगलवार को बीबीसी 100 वीमेन- सीज़न 2019 की फ़्यूचर कॉन्फ्रेंस में.
ये फ़्यूचर कॉन्फ्रेंस आज दिल्ली में गोदावरी ऑडिटोरियम, आंध्र एसोसिएशन में हो रही है.
इसमें अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी छाप छोड़ने वाली महिलाएं अपने विचार, अनुभव साझा कर रही हैं और महिलाओं के भविष्य पर चर्चा कर रही हैं.
बीबीसी 100 वीमेन - ये बीबीसी की एक ख़ास मुहिम है जिसकी शुरुआत 2013 में हुई थी. इसके तहत बीबीसी साल दर साल ऐसी महिलाओं की कहानियों को दुनिया के सामने लेकर आती है जिनसे दुनिया भर की दूसरी महिलाओं को प्रेरणा मिल सकती है.
पिछले 6 सालों में 100 वीमेन सीरीज़ के तहत बीबीसी ने अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया है.
इस कॉन्फ्रेंस में सबसे पहले कवयित्री अरण्या जौहर ने साल 2030 के लिए अपना विज़न साझा किया और बताया कि कैसे 'युवा, सांवली लड़कियां' महिलाओं के भविष्य का नेतृत्व कर सकती हैं.
इस कार्यक्रम की एक प्रमुख स्पीकर अरण्या ने साल 2030 में होने वाली दुनिया के एक चित्र की परिकल्पना की.
एक ऐसी दुनिया जिसमें सभी को समान शिक्षा मिले, अपने शरीर पर ख़ुद का हक़ हो और हमें सामाजिक बदलाव की दिशा ले जाने वाला नेतृत्व होगा.
उन्होंने शिक्षा को समानता का बहुत बड़ा माध्यम बताया. अरण्या ने अपनी कविता के ज़रिए कहा, "शिक्षा समानता के लिए बेहद ज़रूरी है. इसमें हैरानी की कोई बात नहीं कि शिक्षा ने महिलाओं को सबसे ज़्यादा प्रभावित किया है. हर बार जब एक लड़की स्कूल जाती है तो पूरी दुनिया को फ़ायदा होता है."
हमारे समाज में अमूमन बच्चे न होने के लिए महिलाओं को ज़िम्मेदार ठहराया जाता है. पुरुषों के बांझपन की समाज और विज्ञान दोनों में ख़ास चर्चा नहीं होती.
लेकिन स्कॉटलैंड में प्रमुख गाइनकोलॉजिस्ट डॉ. साराह मार्टिन्स दा सिल्वा इसी विषय पर फ़ोकस करती हैं.
साराह मार्टिन्स ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि हम असमानताओं और महिलाओं पर प्रजनन क्षमता के बोझ को कम करने के लिए पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, निवेश और इनोवेशन का उपयोग कर सकते हैं."
उनके 2030 के विज़न के मुताबिक़ पुरुषों में बांझपन का इलाज महिलाओं में बांझपन के विस्तार से जोड़कर नहीं देखा जाएगा.
Tuesday, October 22, 2019
Friday, October 11, 2019
लालसागर में ईरानी तेल टैंकर पर हमला, लगी आग
एक धमाके के बाद ईरान के एक तेल टैंकर में आग लग गई. ईरानी मीडिया का कहना है कि यह सऊदी अरब के समुद्र तट के पास हुआ है.
यह तेल जहाज़ ईरान की तेल कंपनी एनओआईसी का है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जब धमाका हुआ तो ईरानी जहाज़ सऊदी के तटीय शहर जेद्दाह से 97 किलोमीटर की दूरी पर था.
अलजज़ीरा के अनुसार तेल टैंकर को दो संदिग्ध रौकेट से निशाने पर लिया गया है. नेशनल ईरानी टैंकर कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि लगता है कि यह हमला मिसाइल से किया गया है.
इस शिप के दो स्टोरेज को नुक़सान पहुंचा है. नुक़सान के बाद लालसागर में तेल का रिसाव हो रहा है. हालांकि इसमें कोई ज़ख़्मी नहीं हुआ है. यह वाक़या तब सामने आया है जब सऊदी अरब और ईरान में भारी तनाव है.
पिछले महीने 18 ड्रोन और सात क्रूज़ मिसाइल से सऊदी के अहम तेल ठिकानों पर हमला हुआ था. इस हमले का आरोप ईरान पर लगा था.
जून और जुलाई महीने में भी दो तेल टैंकर पर हमले हुए थे, तब भी अमरीकी अधिकारियों ने इसके लिए ईरान को ही ज़िम्मेदार ठहराया था. इससे पहले मई महीने में चार तेल टैंकरों पर हमले हुए थे. हालांकि ईरान ने इन हमलों में शामिल होने से साफ़ इनकार किया था.
उनके दोस्तों ने बताया कि 2017 में वो यूरोप में एक कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने जा रहे थे. साथ ही वो जर्मन यूनिवर्सिटी के साथ एक सहयोगी कार्यक्रम भी लॉन्च करने की योजना बना रहे थे. लेकिन उन्हें बीजिंग एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया. उन्हें शिनजियांग की राजधानी उरुम्ची जाने के लिए कह दिया गया.
अमरीका में रहने वाली प्रोफ़ेसर तियिप के एक पूर्व सहयोगी ने बीबीसी से कहा कि जब प्रोफ़ेसर तियिप को बीजिंग एयरपोर्ट में रोका गया तो वहीं पर उनका ट्रायल ख़त्म हो गया था.
इसके बाद प्रोफ़ेसर तियिप घर लौटकर नहीं आए. उनके दोस्तों और रिश्तेदारों से पूछताछ होने लगी, प्रोफ़ेसर तियिप पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने लगे.
उनकी पूर्व सहयोगी ने बताया, ''एक दिन प्रोफ़ेसर तियिप के परिवार को ख़बर मिली कि उन्हें अलगाववाद के मामले में गिरफ़्तार किया गया है और उन्हें मौत की सज़ा सुना दी गई है. चीन ने इस मामले पर अभी तक कोई जानकारी नहीं दी है.''
अमरीका में शोधार्थी के तौर पर काम करने वाली प्रोफ़ेसर तियिप की यह सहयोगी भी वीगर मुसलमान हैं और शिनजियान प्रांत से ताल्लुक रखती हैं. उन्होंने सुरक्षा कारणों की वजह से अपनी पहचान ज़ाहिर नहीं की.
उनका कहना है कि चीन की सरकार वीगर मुसलमानों पर जिस तरह के क़दम उठा रही है उससे पूरे इलाक़े का माहौल खौफ़नाक हो चुका है.
''लोग डरे हुए हैं. लोगों ने मुझे बताया है कि वो अपने पूरे कपड़े पहनकर ही सोते हैं क्योंकि उन्हें नहीं पता कब कोई रात में उन्हें पकड़कर ले जाए. मेरे एक दोस्त ने मुझे बताया था कि चीन युद्ध की आशंका बता रहा है. और मेरा वह दोस्त भी ग़ायब हो चुका है.''
यह तेल जहाज़ ईरान की तेल कंपनी एनओआईसी का है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जब धमाका हुआ तो ईरानी जहाज़ सऊदी के तटीय शहर जेद्दाह से 97 किलोमीटर की दूरी पर था.
अलजज़ीरा के अनुसार तेल टैंकर को दो संदिग्ध रौकेट से निशाने पर लिया गया है. नेशनल ईरानी टैंकर कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि लगता है कि यह हमला मिसाइल से किया गया है.
इस शिप के दो स्टोरेज को नुक़सान पहुंचा है. नुक़सान के बाद लालसागर में तेल का रिसाव हो रहा है. हालांकि इसमें कोई ज़ख़्मी नहीं हुआ है. यह वाक़या तब सामने आया है जब सऊदी अरब और ईरान में भारी तनाव है.
पिछले महीने 18 ड्रोन और सात क्रूज़ मिसाइल से सऊदी के अहम तेल ठिकानों पर हमला हुआ था. इस हमले का आरोप ईरान पर लगा था.
जून और जुलाई महीने में भी दो तेल टैंकर पर हमले हुए थे, तब भी अमरीकी अधिकारियों ने इसके लिए ईरान को ही ज़िम्मेदार ठहराया था. इससे पहले मई महीने में चार तेल टैंकरों पर हमले हुए थे. हालांकि ईरान ने इन हमलों में शामिल होने से साफ़ इनकार किया था.
उनके दोस्तों ने बताया कि 2017 में वो यूरोप में एक कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने जा रहे थे. साथ ही वो जर्मन यूनिवर्सिटी के साथ एक सहयोगी कार्यक्रम भी लॉन्च करने की योजना बना रहे थे. लेकिन उन्हें बीजिंग एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया. उन्हें शिनजियांग की राजधानी उरुम्ची जाने के लिए कह दिया गया.
अमरीका में रहने वाली प्रोफ़ेसर तियिप के एक पूर्व सहयोगी ने बीबीसी से कहा कि जब प्रोफ़ेसर तियिप को बीजिंग एयरपोर्ट में रोका गया तो वहीं पर उनका ट्रायल ख़त्म हो गया था.
इसके बाद प्रोफ़ेसर तियिप घर लौटकर नहीं आए. उनके दोस्तों और रिश्तेदारों से पूछताछ होने लगी, प्रोफ़ेसर तियिप पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने लगे.
उनकी पूर्व सहयोगी ने बताया, ''एक दिन प्रोफ़ेसर तियिप के परिवार को ख़बर मिली कि उन्हें अलगाववाद के मामले में गिरफ़्तार किया गया है और उन्हें मौत की सज़ा सुना दी गई है. चीन ने इस मामले पर अभी तक कोई जानकारी नहीं दी है.''
अमरीका में शोधार्थी के तौर पर काम करने वाली प्रोफ़ेसर तियिप की यह सहयोगी भी वीगर मुसलमान हैं और शिनजियान प्रांत से ताल्लुक रखती हैं. उन्होंने सुरक्षा कारणों की वजह से अपनी पहचान ज़ाहिर नहीं की.
उनका कहना है कि चीन की सरकार वीगर मुसलमानों पर जिस तरह के क़दम उठा रही है उससे पूरे इलाक़े का माहौल खौफ़नाक हो चुका है.
''लोग डरे हुए हैं. लोगों ने मुझे बताया है कि वो अपने पूरे कपड़े पहनकर ही सोते हैं क्योंकि उन्हें नहीं पता कब कोई रात में उन्हें पकड़कर ले जाए. मेरे एक दोस्त ने मुझे बताया था कि चीन युद्ध की आशंका बता रहा है. और मेरा वह दोस्त भी ग़ायब हो चुका है.''
Thursday, September 19, 2019
За Павла Устинова вступились власти. Это конец всем политическим делам?
Осужденного на три с половиной года колонии актера Павла Устинова поддержали представители власти, а помочь с процессом обещал известный адвокат Анатолий Кучерена. Его защита полагает, что теперь дело, скорее всего, будет закрыто. Означает ли, что и остальные обвиняемые по "делу 27 июля" выйдут на свободу?
В среду, после серии одиночных пикетов у здания администрации президента в поддержку Устинова, вокруг него начались нехарактерные для обвиняемых по делу о "массовых беспорядках" события.
Сестре осужденного актера позвонили от его худрука Константина Райкина - он также выступал в поддержку Павла - и предложили встретиться с новым адвокатом, Анатолием Кучереной, который "сам вызвался помогать". Сообщения в СМИ о том, что Кучерена будет новым защитником, ее удивили - в разговоре с Би-би-си сестра Устинова уточнила, что к работе нынешнего адвоката Дмитрия Чешкова у нее претензий нет и менять его семья не собиралась.
"Со слов родственников Павла, никакого соглашения с ним [с Кучереной - Би-би-си] не заключалось. Помощи как таковой не требуется, я подал апелляционную жалобу. Мне от родственников стало известно, что он предлагал помощь, но со мной никто не связывался. Если согласятся на его участие в процессе, вместе выработаем единую линию защиты", - сказал Би-би-си сам Чешков.
Кучерена же сообщил Интерфаксу, что вступил в дело, и уже в пятницу намерен подать ходатайство об изменении меры пресечения в отношении Устинова. Кучерена - известный адвокат, глава общественного совета при МВД, был доверенным лицом Владимира Путина на президентских выборах 2018 года. Он известен, в частности, тем, что был адвокатом сотрудника ЦРУ Эдварда Сноудена.
Также вечером в среду стало известно, что уполномоченный по правам человека Татьяна Москалькова направит сотрудника своего аппарата на рассмотрение апелляции по делу Устинова. Об этом сообщили РАПСИ в ее пресс-службе.
В среду, после серии одиночных пикетов у здания администрации президента в поддержку Устинова, вокруг него начались нехарактерные для обвиняемых по делу о "массовых беспорядках" события.
Сестре осужденного актера позвонили от его худрука Константина Райкина - он также выступал в поддержку Павла - и предложили встретиться с новым адвокатом, Анатолием Кучереной, который "сам вызвался помогать". Сообщения в СМИ о том, что Кучерена будет новым защитником, ее удивили - в разговоре с Би-би-си сестра Устинова уточнила, что к работе нынешнего адвоката Дмитрия Чешкова у нее претензий нет и менять его семья не собиралась.
"Со слов родственников Павла, никакого соглашения с ним [с Кучереной - Би-би-си] не заключалось. Помощи как таковой не требуется, я подал апелляционную жалобу. Мне от родственников стало известно, что он предлагал помощь, но со мной никто не связывался. Если согласятся на его участие в процессе, вместе выработаем единую линию защиты", - сказал Би-би-си сам Чешков.
Кучерена же сообщил Интерфаксу, что вступил в дело, и уже в пятницу намерен подать ходатайство об изменении меры пресечения в отношении Устинова. Кучерена - известный адвокат, глава общественного совета при МВД, был доверенным лицом Владимира Путина на президентских выборах 2018 года. Он известен, в частности, тем, что был адвокатом сотрудника ЦРУ Эдварда Сноудена.
Также вечером в среду стало известно, что уполномоченный по правам человека Татьяна Москалькова направит сотрудника своего аппарата на рассмотрение апелляции по делу Устинова. Об этом сообщили РАПСИ в ее пресс-службе.
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